मंदिरों का जीर्णोधार

तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं के लिए शासन संधारित मंदिरों से लगी भूमि पर धर्मशाला निर्माण योजना का कार्य प्रारम्भ किया गया। इस दिशा में कार्य की पूर्ति के लिए वर्ष 1997-98 से रूपये 50.00 लाख का प्रावधान प्रति वर्ष बजट में किया जाता है, तथा रोटेशन से जिला कलेक्टर को आवंटन दिया जाता है। वर्ष 2008-2009 में 15 लाख रूपये का प्रावधान किया गया तथा अनुपूरक अनुमान में रूपये 25 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ है।

प्रदेश के शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्वार के लिये पूर्व वर्षों में सीमित बजट उपलब्ध था। जिसमें शनै: शनै वृद्धि की गर्इ एवं वर्ष 2008-2009 में इस हेतु रूपये 4.40 करोड़ (चार दशमलव चालीस करोड़ ) का प्रावधान किया गया। अनुपूरक अनुमान में रूपये 25 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ है। इस प्रावधान के अंतर्गत ही जिला- कलेक्टरों को राशि आवंटित की गर्इ है।

img